मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। कई बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण कई रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की स्थिति में पहुँच गए हैं। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई छोटे कारोबार अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं।
क्यों आया LPG संकट?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट से होने वाली ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों में बाधा आने से वैश्विक गैस और तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ रहा है।
सरकार ने उठाए कदम
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को LPG का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता बनी रहे। साथ ही सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने और आवश्यक क्षेत्रों—जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों—को गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
सरकार ने Essential Commodities Act का भी सहारा लिया है, ताकि गैस की सप्लाई में किसी तरह की जमाखोरी या कृत्रिम कमी न होने पाए।
आम लोगों पर क्या असर?
फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य बताई जा रही है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण होटल-रेस्टोरेंट और फूड बिज़नेस पर दबाव बढ़ सकता है। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो गैस और तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।



